mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | महाशिवरात्रि के पावन पर्व की सभी को शुभकामनाएं।
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महाशिवरात्रि के पावन पर्व की सभी को शुभकामनाएं। हर हर महादेव।

mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | सरसंघचालक मोहनजी भागवत के मुजफ्फपुर (बिहार) में दिए वक्तव्य को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। भागवत जी ने कहा था कि परिस्तिथि आने पर तथा संविधान द्वारा मान्य होने पर भारतीय सेना द्वारा सामान्य समाज को तैयार करने के लिए 6 महीना का समय लगेगा तो संघ स्वयंसेवकों को भारतीय सेना 3 दिन में तैयार कर सकेगी, कारण स्वयंसेवकों को अनुशासन का अभ्यास रहता है। यह सेना के साथ तुलना नहीं थी पर सामान्य समाज और स्वयंसेवकों के बीच में थी। दोनो को भारतीय सेना को ही तैयार करना होगा। -  डॉ. मनमोहन वैद्य,  अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख ।
http://rss.org/hindi//Encyc/2018/2/12/Mohan-Bhagwat-ji-s-speech-is-misrepresented.html
सेना, समाज और स्वयंसेवक के सन्दर्भ में मोहनजी ने जो कहा, वह यहाँ है : https://youtu.be/yH8MrVfJhXo ------------------------------------------ Sarsanghchalak Mohan ji Bhagwat's speech in Muzzafpur(Bihar) is being misrepresented. Bhagwat ji had said that if situation arises and the Constitution permits, Indian army would take 6 months to prepare the society whereas Sangh swayamsevaks can be trained in 3 days, as Swayamsevaks practise disciplined routine regularly. This was no way a comparison between the Indian army and the Sangh swayamsevaks but it was a comparison between general society and swayamsevaks.Both are to be trained by the Indian Army only. - Dr.Manmohan Vaidya, Akhil Bharatiya Prachaar Pramukh http://rss.org//Encyc/2018/2/12/Mohan-Bhagwat-ji-s-speech-is-misrepresented.html Video excerpt: https://youtu.be/yH8MrVfJhXo Instagram Photos | videos | post

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सरसंघचालक मोहनजी भागवत के मुजफ्फपुर (बिहार) में दिए वक्तव्य को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। भागवत जी ने कहा था कि परिस्तिथि आने पर तथा संविधान द्वारा मान्य होने पर भारतीय सेना द्वारा सामान्य समाज को तैयार करने के लिए 6 महीना का समय लगेगा तो संघ स्वयंसेवकों को भारतीय सेना 3 दिन में तैयार कर सकेगी, कारण स्वयंसेवकों को अनुशासन का अभ्यास रहता है। यह सेना के साथ तुलना नहीं थी पर सामान्य समाज और स्वयंसेवकों के बीच में थी। दोनो को भारतीय सेना को ही तैयार करना होगा। - डॉ. मनमोहन वैद्य, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख । http://rss.org/hindi//Encyc/2018/2/12/Mohan-Bhagwat-ji-s-speech-is-misrepresented.html सेना, समाज और स्वयंसेवक के सन्दर्भ में मोहनजी ने जो कहा, वह यहाँ है : https://youtu.be/yH8MrVfJhXo ------------------------------------------ Sarsanghchalak Mohan ji Bhagwat's speech in Muzzafpur(Bihar) is being misrepresented. Bhagwat ji had said that if situation arises and the Constitution permits, Indian army would take 6 months to prepare the society whereas Sangh swayamsevaks can be trained in 3 days, as Swayamsevaks practise disciplined routine regularly. This was no way a comparison between the Indian army and the Sangh swayamsevaks but it was a comparison between general society and swayamsevaks.Both are to be trained by the Indian Army only. - Dr.Manmohan Vaidya, Akhil Bharatiya Prachaar Pramukh http://rss.org//Encyc/2018/2/12/Mohan-Bhagwat-ji-s-speech-is-misrepresented.html Video excerpt: https://youtu.be/yH8MrVfJhXo

mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए चलाया जाएगा अभियान- मोहनजी भागवत

बिहार के मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शुक्रवार को संघ प्रमुख मोहन जी भागवत ने पदाधिकारियों की बैठक में युवाओं में चरित्र निर्माण और देशभक्ति का भाव जगाने के लिए अभियान चलाने पर बल दिया है. मुजफ्फरपुर के सदातपुर में चल रहे चिंतन शिविर में संघ प्रमुख उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ-साथ झारखंड के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की. इस दौरान उन्होंने गांवों में संघ के प्रचार-प्रसार के लिए रणनीति बनाई है.
संघ के प्रचारक ने कहा कि, बैठक में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संघ से जोड़ने और उनके चरित्र का निर्माण कर उनमें देशभक्ति का भाव जगाने के लिए अभियान चलाने पर बल दिया गया है. संघ प्रमुख ने लोगों को जाति के बंधन से बाहर निकालकर देशभक्ति की भावना भरने के लिए अभियान चलाने के लिए कहा है. 🚩 Instagram Photos | videos | post

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युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाने के लिए चलाया जाएगा अभियान- मोहनजी भागवत बिहार के मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चल रहे प्रशिक्षण शिविर में शुक्रवार को संघ प्रमुख मोहन जी भागवत ने पदाधिकारियों की बैठक में युवाओं में चरित्र निर्माण और देशभक्ति का भाव जगाने के लिए अभियान चलाने पर बल दिया है. मुजफ्फरपुर के सदातपुर में चल रहे चिंतन शिविर में संघ प्रमुख उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ-साथ झारखंड के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की. इस दौरान उन्होंने गांवों में संघ के प्रचार-प्रसार के लिए रणनीति बनाई है. संघ के प्रचारक ने कहा कि, बैठक में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संघ से जोड़ने और उनके चरित्र का निर्माण कर उनमें देशभक्ति का भाव जगाने के लिए अभियान चलाने पर बल दिया गया है. संघ प्रमुख ने लोगों को जाति के बंधन से बाहर निकालकर देशभक्ति की भावना भरने के लिए अभियान चलाने के लिए कहा है. 🚩

mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | प पु मोहन जी भागवत 10 दिनों के बिहार दौरे पर है । मोहन जी  भावगत उन्नत खेती और गाय पालन पर चर्चा करेंगे🚩 Instagram Photos | videos | post

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प पु मोहन जी भागवत 10 दिनों के बिहार दौरे पर है । मोहन जी भावगत उन्नत खेती और गाय पालन पर चर्चा करेंगे🚩

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mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | प पूज्य सरसंघचालक Dr मोहनजी भागवत ने केरल के व्यास विद्या पीठं पाठशाला में ६९th गणतंत्र दिनोत्सव में भाग लिया Instagram Photos | videos | post

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प पूज्य सरसंघचालक Dr मोहनजी भागवत ने केरल के व्यास विद्या पीठं पाठशाला में ६९th गणतंत्र दिनोत्सव में भाग लिया

mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | RSS Sarsanghachalak Dr. Mohanji Bhagwat participated in the 69th Republic Day celebrations at Kallekkad Vyasa Vidya Peethom, CBSE Higher Secondary School in Palakkad district of Kerala.
सरसंघचालक Dr मोहनजी भागवत ने केरल के व्यास विद्या पीठं पाठशाला में ६९th गणतंत्र दिनोत्सव में भाग लिया

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RSS Sarsanghachalak Dr. Mohanji Bhagwat participated in the 69th Republic Day celebrations at Kallekkad Vyasa Vidya Peethom, CBSE Higher Secondary School in Palakkad district of Kerala. सरसंघचालक Dr मोहनजी भागवत ने केरल के व्यास विद्या पीठं पाठशाला में ६९th गणतंत्र दिनोत्सव में भाग लिया

mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | Mohan ji Bhagwat hoisted the tricolour on the occasion of the country’s 69th Republic Day celebrations at a CBSE-affiliated school in Palakkad district of Kerala. BJP state president Kummanam Rajasekharan, top leaders of the RSS and the BJP were in full attendance at the function. Bhagwat is in Kerala to attend a three-day camp of the Sangh. Instagram Photos | videos | post

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Mohan ji Bhagwat hoisted the tricolour on the occasion of the country’s 69th Republic Day celebrations at a CBSE-affiliated school in Palakkad district of Kerala. BJP state president Kummanam Rajasekharan, top leaders of the RSS and the BJP were in full attendance at the function. Bhagwat is in Kerala to attend a three-day camp of the Sangh.

mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | आरएसएस सरसंघचालक प.पु.श्री मोहन भागवत जी ने आज गुहाटी में हिन्दू समाबेश कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के कुछ चित्र । Instagram Photos | videos | post

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आरएसएस सरसंघचालक प.पु.श्री मोहन भागवत जी ने आज गुहाटी में हिन्दू समाबेश कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम के कुछ चित्र ।

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"All the resources we ever needed was here since ever, absolutely nothing was brought from space, the difference has always been about the application, the resource be any.. Ability to feel the need is, that's why, so crucial for the worth of resources, be it any... Try to Look beyond the obvious because faces are deceptive and also ....Feel the need, think the Solution to live the evolution.....!"

mohan.bhagwat | Mohan Bhagwat | अलग होने की बात या अलगाव की बात में सुख नहीं है। जोड़ने वाली बात में भारत की संस्कृति है। भारत को जोड़ने वाले हमारे पूर्वज हैं। ये बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन जी भागवत ने सोमवार को स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कही। संघ की ओर से उनका उद्बोधन कार्यक्रम राजधानी रायपुर में साइंस कॉलेज मैदान में हुआ।
उन्होंने कहा किए सत्ता कृत्रिम है और सत्ता की मुद्रा सुख के बाजार में चलना बंद हो जाती है। स्वत्व की सुरक्षा के लिए समूह बनते हैं। धर्म सबका एक हो ही नहीं सकता, क्योंकि रुचि सबकी अलग-अलग है।
मोहन जी ने कहा , “हम भारत के लोग हैं। यदि भारत ही नहीं रहेगा तो हम-आप रह नहीं सकते, भारत को एक रहना पड़ेगा। भारत की एकता व अखंडता एकात्मता की आड़ आने वाली कोई चीज हमारे सुख का कारण नहीं बनेगी। वह हमारे दुख का कारण बनेगी। अभी तक ऐसा ही होता आया है। उन्होंने कहा, “जब तक हम भारत के नाते जी रहे थे, उद्यम कर रहे थे। अपने वैभव के लिए अपनी सुरक्षा प्रतिष्ठा के लिए लड़ रहे थे। भारत के नाते तब तक हमारी कभी पराजय नहीं हुई। हमको लूटने-खसोटने के लिए देश की सीमाओं के अंदर कोई प्रवेश नहीं कर सका। जिस दिन हमने अलग-अलग सोचना शुरू किया, अपने आपको अलग मानना शुरू किया, अपने स्वार्थ को बाकी लोगों के स्वार्थ से ऊपर माना, देश के स्वार्थ के ऊपर माना, तब हमारा देश टूट गया।”
मोहन जी ने कहा, “सम्पूर्ण विश्व के अर्थकारण का पहले नंबर का देश कर्जा लेने वाला देश हो गया। इतिहास में जब भी हमने भारत के लिए एक होकर अपनी स्वतंत्रता के लिए प्रयास किया, तब हम जीत गए। भागवतजी ने कहा कि अफगानिस्तान से बर्मा तक और तिब्बत की चीन की धरा से श्रीलंका के दक्षिण तक जितना जनसमूह रहता है, उनके पूर्वज समान हैं।
उन्होंने कहा, “अगर बड़ा काम करना चाहते हो, तो उसके लायक बनो। मनुष्य बुद्धि के बल पर राजा बनता है। समूह के सुख के लिए व्यक्तिगत सुख को छोड़ना पड़ेगा। मनुष्य खुद पर विश्वास रखता है। याद रखो, जिसका संख्याबल ज्यादा होता, उसकी चलती है। भागवत से कहा कि संघ के माध्यम से आदिवासियों को बचाने के लिए बस्तर में प्रयास करने की आवश्यकता है। Instagram Photos | videos | post

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अलग होने की बात या अलगाव की बात में सुख नहीं है। जोड़ने वाली बात में भारत की संस्कृति है। भारत को जोड़ने वाले हमारे पूर्वज हैं। ये बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक मोहन जी भागवत ने सोमवार को स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कही। संघ की ओर से उनका उद्बोधन कार्यक्रम राजधानी रायपुर में साइंस कॉलेज मैदान में हुआ। उन्होंने कहा किए सत्ता कृत्रिम है और सत्ता की मुद्रा सुख के बाजार में चलना बंद हो जाती है। स्वत्व की सुरक्षा के लिए समूह बनते हैं। धर्म सबका एक हो ही नहीं सकता, क्योंकि रुचि सबकी अलग-अलग है। मोहन जी ने कहा , “हम भारत के लोग हैं। यदि भारत ही नहीं रहेगा तो हम-आप रह नहीं सकते, भारत को एक रहना पड़ेगा। भारत की एकता व अखंडता एकात्मता की आड़ आने वाली कोई चीज हमारे सुख का कारण नहीं बनेगी। वह हमारे दुख का कारण बनेगी। अभी तक ऐसा ही होता आया है। उन्होंने कहा, “जब तक हम भारत के नाते जी रहे थे, उद्यम कर रहे थे। अपने वैभव के लिए अपनी सुरक्षा प्रतिष्ठा के लिए लड़ रहे थे। भारत के नाते तब तक हमारी कभी पराजय नहीं हुई। हमको लूटने-खसोटने के लिए देश की सीमाओं के अंदर कोई प्रवेश नहीं कर सका। जिस दिन हमने अलग-अलग सोचना शुरू किया, अपने आपको अलग मानना शुरू किया, अपने स्वार्थ को बाकी लोगों के स्वार्थ से ऊपर माना, देश के स्वार्थ के ऊपर माना, तब हमारा देश टूट गया।” मोहन जी ने कहा, “सम्पूर्ण विश्व के अर्थकारण का पहले नंबर का देश कर्जा लेने वाला देश हो गया। इतिहास में जब भी हमने भारत के लिए एक होकर अपनी स्वतंत्रता के लिए प्रयास किया, तब हम जीत गए। भागवतजी ने कहा कि अफगानिस्तान से बर्मा तक और तिब्बत की चीन की धरा से श्रीलंका के दक्षिण तक जितना जनसमूह रहता है, उनके पूर्वज समान हैं। उन्होंने कहा, “अगर बड़ा काम करना चाहते हो, तो उसके लायक बनो। मनुष्य बुद्धि के बल पर राजा बनता है। समूह के सुख के लिए व्यक्तिगत सुख को छोड़ना पड़ेगा। मनुष्य खुद पर विश्वास रखता है। याद रखो, जिसका संख्याबल ज्यादा होता, उसकी चलती है। भागवत से कहा कि संघ के माध्यम से आदिवासियों को बचाने के लिए बस्तर में प्रयास करने की आवश्यकता है।